RSS Full Form: आरएसएस क्या है, कैसे Join करें, RSS की स्थापना

RSS Full Form (आरएसएस का फुल फॉर्म): आपने न्यूज़ में, सोशल मीडिया पे, अखबारों में RSS का जिक्र जरुर होते देखा होगा। अक्सर TV Debate में हिन्दू विरोधी लोग इसका विरोध करते नजर आते हैं। पर क्या आपको इसके बारे में पूरी जानकारी है?

rss Full Form

RSS यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ये एक हिंदू राष्ट्रवादी संगठन है। इस संगठन का  सबसे जरूरी उद्देश्य है कि वो भारत की संस्कृति और विचारों को बनाए रखे। और हिंदू समुदाय को मजबूत बनाने के लिए हिंदुत्व की विचारधारा का प्रचार प्रसार करता रहे।

आर. एस. एस संगठन भारत की जनता को भारत की महानता के साथ ही विरासत के बारे में जागरूक होना सिखाता है। और इसके साथ ही ये संगठन बड़ी सहजता और शांतिपूर्ण तरीके से सामाजिक सेवाओं में भी लगा रहता है। ये संगठन आर एस एस के नाम से लोगों के बीच में बहुत प्रसिद्ध है। आज इस आर्टिकल के माध्यम से मैं  RSS से जुड़ी पूरी जानकारी देने की कोशिश करूंगा।

 Topics जो आज हम इस Article में कवर करेंगे , निम्नलिखित है। 

  • R.S.S क्या है?
  • R. S. S  फुल फॉर्म हिंदी में (RSS full form)। 
  • R.S.S की स्थापना कब हुई।
  • R.S.S कैसे ज्वाइन करें।
  • R. S. S  के फायदे
  • Conclusion

RSS full form -आरएसएस का फुल फॉर्म

R –  राष्ट्रीय

S – स्वयंसेवक

S – संघ 

आर एस एस का फुल फॉर्म “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ” होता है।

RSS  क्या है? – What is RSS in Hindi

  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भारत का हिंदू राष्ट्रवादी स्वयंसेवक संगठन है।
  • ये स्वाभाविक रूप से भारत के सत्तारूडी यानी कि जिसे सत्ता प्राप्त हो।
  • और ये दल भारतीय जनता पार्टी का पैतृक संगठन माना जाता है।
  • ये संगठन पारंपरिक प्रोत्साहन हिंदू अनुशासन के माध्यम से चरित्र प्रशिक्षण प्रदान करता है। 
  • और इसी के साथ ही हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए हिंदू समुदाय को एकजुट भी करता है।
  • ये संगठन दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है। इसका एकमात्र उद्देश्य हमारे देश भारत को विश्व शक्ति और परम वैभव बनाना है।

इस राष्ट्रीय स्वयं सेवी संघ का निर्माण विलुप्त होते जा रहे भारतीय संस्कार और भारतीय संस्कृति  को बचाए रखना, और  इसके साथ ही भारत के बच्चों को हिंदू संस्कार देना है। और इन्हीं कार्यों के साथ ही ये संगठन प्राकृतिक आपदाओं के आने पर सभी धर्म हिंदू हो या मुस्लिम सभी की बढ़-चढ़कर मदद करने के लिए सामने आता है।

दोस्तों ये तो आप समझ ही चुके होंगे कि  RSS क्या होता है?, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का क्या मतलब होता है? चलिए अब मैं आपको इस लेख के दौरान आर एस एस के इतिहास के बारे में जानकारी देता हूं। इसकी स्थापना कब हुई, व किसने आर एस एस की स्थापना की ,आदि।

 RSS की स्थापना कब और किसके द्वारा हुई?

  • 27 सितंबर 1925 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी।
  • इसकी स्थापना डॉक्टर केशवराव बलिराम हेडगेवार” द्वारा विजयदशमी के दिन की गई थी।  
  •  विजयदशमी के त्यौहार को आर एस एस संघ द्वारा बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।    
  • ये संघ फ़ैल कर विश्व के सबसे बड़े संघ के रूप में जाना जाता है।
  • ये  संगठन विश्व के लगभग 80 से अधिक देशों में सेवा कर रहा है।
  • इसकी 56 हजार 569   से अधिक दैनिक शाखाएं है। और वर्तमान में इसका मुख्यालय नागपुर में है।

R.s.s. संघ की स्थापना के 50 वर्षों के बाद सन 1955 में देश में आपातकाल की घोषणा कर दी गई थी तो उस समय इस संघ के सभी अधिकारियों और कार्यकर्ताओं को एकजुट होने पर रोक लगा दी गई थी और फिर आपातकाल के हटते ही ये संगठन भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गया था।

 R. S. S  कैसे ज्वाइन करें?

  •  इस संगठन में शामिल होने के लिए आपको किसी भी प्रकार की कुछ औपचारिकता  या सदस्यता की जरूरत नहीं है।
  • आप अगर इस संगठन से जुड़ना चाहते हैं। अगर इस संगठन में रहकर काम करना चाहते हैं, तो आप स्वयं सेवी संघ के दैनिक साप्ताहिक या फिर महीने की गतिविधियों में शामिल होकर इसका हिस्सा बन जाएंगेे।
  • इसकी शाखाएं आपको हर जिले क्षेत्र विभाग और केंद्र में मिल जाएंगे। 
  • इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने के  लिए आप इसके ऑफिशल वेबसाइट Www.rss.org पर जाकर सामने अपनी कुछ पर्सनल जानकारी भरने के बाद आप इस से जुड़  सकते है। या फिर इसकी सदस्यता आपको मिल जाएगी।

दोस्तों  यहाँ तक बात हुई इसकी सदस्यता पाने की अब बात करते है इसके कुछ फायदों के बारे में।  

RSS के फायदे?

अगर आप सोच रहे हैं, कि आपको इसमें ज्वाइन होने के बाद महीने का वेतन मिलेगा या फिर कुछ और तो आप गलत सोच रहे हैं।

  • RSS  ” मोहन भागवत” के अनुसार जो कोई भी व्यक्ति r.s.s. से जुड़ता है, उस व्यक्ति को r.s.s. में कोई फायदा नहीं है।
  •  r.s.s. खुद का फायदा होने वाला संगठन नहीं है। जिसमें लोग अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए शामिल हो।
  •  इसमें केवल वही लोग ही शामिल हो सकते हैं, जो समाज और राष्ट्र कि सेवा का लाभ प्राप्त करना चाहते हो जो देश की और लोगों की मदद करना चाहते हो।
  • अगर कोई भी व्यक्ति r.s.s. में शामिल हो जाता है तो ये हमारे देश और हिंदू समाज के लिए फायदेमंद है।
  • इस संगठन में शामिल होने के बाद आपके विचार भारत देश की संस्कृति के प्रति और अधिक विकसित होंगे।
  • और किसी भी जाति भेदभाव को भूल जाएंगे आप इसमें सीखेंगे की प्राकृतिक आपदाओं में कैसे लोगों की मदद करी जाती है।
  • और आपको हमारी देश की महान संस्कृति और गौरवपूर्ण इतिहास पर गर्व होगा।
  • आपका रोल मॉडल बॉलीवुड की हस्ती से स्वतंत्रता सेनानियों की तरफ चला जाएगा। आप किसी गलत रास्ते में नहीं भटकनगे।
  • और इसके साथ ही r.s.s. में रोजाना व्यायाम करने से आपका शरीर स्वस्थ रहेगा।
  • और आप में राष्ट्रवादी और देशभक्ति की भावना अंदर से जागृत होती जाएगी।

More Important full forms:

 RSS full form: Conclusion

जी दोस्तों ये थी आर एस एस के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी जिसमें आपको ये बात पता चली कि आर एस एस क्या है?, आर एस एस की फुल फॉर्म इसकी स्थापना किसने की थी? आदि।

दोस्तों भारत में लाखों युवा और व्यक्ति इस संघ से जुड़कर अपना बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।  इस संगठन में जो भी इंसान अपनी मन की इच्छा से जुड़ता है वह स्वयं सेवक कहलाता है।

दोस्तों उम्मीद करता हूं आपको राष्ट्रीय सैम सेवक संघ हिंदी में दी गई सभी जानकारियां महत्वपूर्ण लगी होगी। आपको भी सच में आर एस एस अच्छा लगा तो अपने दोस्तों परिवारजनों तब भी इसे पहुंचाएं ताकि वह भी देश हित के कार्य में अपना योगदान दे सके वो भी आर एस एस के बारे में जागरूक हो सके।

इस लेख में मैंने आपको RSS की सारी महत्वपूर्ण जानकारी देने की कोसिस किया है जैसे RSS kya haiRSS ka full form (RSS full form in Hindi)आरएसएस क्या है, इसकी स्थापना कब और किसके द्वारा की गयी, आरएसएस कैसे जॉइन करें आदि।

अंत में मैं आप से यही कहना चाहूँगा की अगर आपको RSS full form, what is RSS in Hindi वाली यह लेख पसंद आया हो तो इसे सोशल मीडिया पे शेयर जरुर करें। अगर आप कुछ कहना या पूछना चाहते हैं तो निचे कमेंट कर सकते हैं।

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